JPSC–JSSC आंदोलन 19वें दिन भी जारी: 14वीं JPSC परीक्षा रद्द,

JPSC–JSSC आंदोलन 19वें दिन भी जारी: 14वीं JPSC परीक्षा रद्द,

CBI जांच की मांग पर अड़े अभ्यर्थी

रांची, 12 अगस्त 2026।
झारखंड में JPSC एवं JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र-युवा आंदोलन 19वें दिन भी जारी है। राज्य सरकार द्वारा 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा रद्द करने और कई अन्य मांगों पर सहमति देने के बावजूद आंदोलनकारी अभ्यर्थियों ने आंदोलन समाप्त करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा से जुड़े मामलों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार ने क्या-क्या फैसले लिए?

राज्य सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों के साथ कई दौर की वार्ता के बाद 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही 2023 एवं 2025 बैकलॉग परीक्षाओं को भी रद्द करने की घोषणा की गई है। सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए CID जांच, ED जांच की अनुशंसा, फास्ट-ट्रैक कोर्ट तथा परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार का भी प्रस्ताव दिया है।

CBI जांच बनी सबसे बड़ी मांग

आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी सबसे प्रमुख मांग CBI जांच है। छात्र संगठनों का आरोप है कि केवल CID जांच से पूरे मामले का खुलासा नहीं होगा। अभ्यर्थी चाहते हैं कि JPSC, JSSC-CGL और अन्य विवादित परीक्षाओं की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए ताकि बड़े स्तर पर हुई कथित गड़बड़ियों का खुलासा हो सके।

JSSC-CGL परीक्षा पर गतिरोध कायम

सरकार ने स्पष्ट किया है कि JSSC-CGL परीक्षा को एकतरफा रद्द करना संभव नहीं है क्योंकि यह मामला न्यायालय की निगरानी में रहा है और चयनित अभ्यर्थी नियुक्ति भी प्राप्त कर चुके हैं। हालांकि सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच समिति गठित करने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन आंदोलनकारी संगठन इससे संतुष्ट नहीं हैं।

विधानसभा घेराव के बाद बढ़ा तनाव

10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। पुलिस द्वारा आंसू गैस और बल प्रयोग किए जाने के बाद मामला और गरमा गया। कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की खबरें सामने आईं, जबकि पुलिस ने भी अपने कई जवानों के घायल होने की जानकारी दी। इसके बाद राज्यभर में आंदोलन को और समर्थन मिलने लगा।

JPSC में इस्तीफों से बढ़ी हलचल

आंदोलन के बीच JPSC के तीन सदस्यों के इस्तीफे ने मामले को और गंभीर बना दिया है। CID द्वारा पूछताछ की प्रक्रिया के बीच हुए इन इस्तीफों को लेकर छात्र संगठन लगातार सवाल उठा रहे हैं और इसे जांच की आवश्यकता का बड़ा आधार बता रहे हैं।

आगे की रणनीति

JPSC-JSSC सुधार मंच और अन्य छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कई छात्र अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं तथा नए कार्यक्रमों की घोषणा जल्द की जा सकती है। छात्र नेताओं का कहना है कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि झारखंड की पूरी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता और सुधार की लड़ाई है।

निष्कर्ष

सरकार द्वारा 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने, जांच और सुधार संबंधी कई महत्वपूर्ण घोषणाओं के बावजूद आंदोलन फिलहाल समाप्त होता नहीं दिख रहा है। CBI जांच और JSSC-CGL परीक्षा को लेकर बने गतिरोध के कारण झारखंड का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। आने वाले दिनों में सरकार और आंदोलनकारियों के बीच होने वाली वार्ता इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगी।

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