PM मोदी के बयान पर कांग्रेस का हमला: ग़ज़ा पर नेतन्याहू की तारीफ़ शर्मनाक और नैतिक रूप से आपत्तिजनक,

PM मोदी के बयान पर कांग्रेस का हमला: ग़ज़ा पर नेतन्याहू की तारीफ़ शर्मनाक और नैतिक रूप से आपत्तिजनक,

ग़ज़ा में शांति समझौते के पहले चरण की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इज़रायली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू की सराहना किए जाने पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने मोदी के बयान को “शर्मनाक” और “नैतिक रूप से आपत्तिजनक” बताया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्होंने ग़ज़ा को लेकर हुई प्रगति का स्वागत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना और इज़रायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू की तारीफ़ की, लेकिन यह सराहना बेहद आपत्तिजनक है।

जयराम रमेश ने लिखा:

“प्रधानमंत्री ने ग़ज़ा को लेकर हुई नई प्रगति का स्वागत किया है और राष्ट्रपति ट्रंप की सराहना की है। ऐसा उत्साह दिखाना कोई नई बात नहीं है। लेकिन जो बात चौंकाने वाली, शर्मनाक और नैतिक रूप से आपत्तिजनक है, वह है मोदी का इज़रायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू की प्रशंसा करना, जो पिछले बीस महीनों से ग़ज़ा में जनसंहार कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने फ़लस्तीन के स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के मुद्दे पर भी पूरी चुप्पी साध रखी है, जबकि भारत ने 1988 में फ़लस्तीन को औपचारिक मान्यता दी थी और आज 150 से अधिक देश उसे मान्यता दे चुके हैं।

कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने अब तक वेस्ट बैंक में इज़रायल द्वारा अवैध बस्तियों के विस्तार पर भी कोई टिप्पणी नहीं की है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन माना जाता है।

दरअसल, शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग़ज़ा शांति समझौते के पहले चरण की घोषणा की, जिसका प्रधानमंत्री मोदी ने स्वागत किया। उन्होंने एक्स पर लिखा:

“हम राष्ट्रपति ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते का स्वागत करते हैं। यह प्रधानमंत्री नेतन्याहू के सशक्त नेतृत्व का भी प्रतीक है।”

प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान पर विपक्ष का कहना है कि भारत की पारंपरिक गुटनिरपेक्ष (Non-Aligned) और संतुलित विदेश नीति से यह बयान विपरीत है, जो दशकों से फ़लस्तीन के समर्थन और मध्य-पूर्व में शांति की पक्षधर रही है।

क्या है ग़ज़ा शांति योजना?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा घोषित इस योजना के तहत ग़ज़ा में संघर्षविराम, बंधकों की रिहाई और मानवीय राहत जैसे बिंदुओं पर सहमति बनी है। इसे युद्धविराम की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है, हालांकि इससे इज़रायल-फ़लस्तीन संघर्ष की मूल समस्याओं का समाधान फिलहाल दूर ही लगता है।

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