भारत vs पाकिस्तान मैच के बाद हैंडशेक विवाद पर बोले सूर्यकुमार यादव
भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच हमेशा सुर्खियों में रहता है, लेकिन इस बार चर्चा गेंद-बल्ले की बजाय एक रस्मी परंपरा के टूटने पर ज़्यादा हो रही है। रविवार को हुए हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी, लेकिन मैच से ज़्यादा चर्चाओं में रहा – “हैंडशेक ना होना”।
क्या हुआ मैच के बाद?
मैच खत्म होते ही पाकिस्तान के खिलाड़ी भारतीय टीम से हाथ मिलाने के लिए आगे बढ़े, लेकिन तब तक पूरी टीम ड्रेसिंग रूम का रुख कर चुकी थी।
टॉस के वक्त भी एक दिलचस्प बात सामने आई — भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव और पाकिस्तानी कप्तान आग़ा सलमान के बीच पारंपरिक हैंडशेक नहीं हुआ।
इस पूरे घटनाक्रम पर पाकिस्तान की ओर से हेड कोच माइक हेसन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में निराशा जताई।
उन्होंने कहा:
“हम हाथ मिलाने के लिए तैयार थे। ये खेल की परंपरा है। लेकिन भारतीय टीम पहले ही मैदान छोड़ चुकी थी। हार से पहले ही निराश थे, और यह एक और झटका था।”
हमने खेल से जवाब दिया” – सूर्यकुमार यादव
मैच के बाद जब भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव से हैंडशेक पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने संक्षिप्त लेकिन तीखा जवाब दिया:
“भारत सरकार, बीसीसीआई और हम, तीनों एक पेज पर थे। हम यहाँ सिर्फ़ गेम खेलने आए थे और हमने उन्हें बढ़िया जवाब दिया।”
इस बयान ने एक बार फिर बता दिया कि भारतीय टीम मैदान के अंदर और बाहर – दोनों जगह अपने इरादों में स्पष्ट है।
सोशल मीडिया पर बवाल
इस घटना के बाद ट्विटर और इंस्टाग्राम पर क्रिकेट फैंस के बीच बहस छिड़ गई। कुछ लोग भारतीय टीम के स्टैंड को सही ठहरा रहे हैं, तो कुछ इसे खेल भावना के खिलाफ मान रहे हैं।
भारत-पाक क्रिकेट: सिर्फ़ एक मैच नहीं, भावनाओं का समंदर
भारत और पाकिस्तान के बीच हर मुकाबला महज़ एक खेल नहीं, बल्कि गर्व, राजनीति और इतिहास का संगम होता है।
इस बार सिर्फ़ रन नहीं बने, बल्कि बयानबाज़ी और रवैये से भी मैच में आग लगी रही।
देश के सम्मान से ऊपर कुछ नहीं” – पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नक़वी
पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नक़वी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा:
“मैच रेफ़री ने ICC कोड ऑफ कंडक्ट और ‘स्पिरिट ऑफ क्रिकेट’ का उल्लंघन किया है। इस पर PCB ने ICC से शिकायत की है। मेरे लिए देश का सम्मान सबसे ऊपर है।”
पाकिस्तान का आरोप है कि मैच रेफ़री एंडी पाइक्रॉफ़्ट ने टॉस के समय दोनों कप्तानों को हाथ मिलाने से मना किया था, जो क्रिकेट की परंपरा और भावना के खिलाफ बताया गया।
खेल भावना से बड़ी भी कुछ चीजें होती हैं” – सूर्यकुमार यादव
वहीं भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पोस्ट मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस पूरे मामले पर संक्षिप्त लेकिन कड़ा बयान देते हुए कहा:
“कुछ चीज़ें खेल भावना से भी बड़ी होती हैं।”
उनका यह बयान इशारों-इशारों में पाकिस्तान को जवाब माना जा रहा है।
BCCI का पलटवार: “हैंडशेक कोई नियम नहीं, सिर्फ़ परंपरा है”
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। PTI से बात करते हुए बोर्ड के एक सीनियर अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा:
“हाथ मिलाना कोई अनिवार्य नियम नहीं है। यह पूरी दुनिया में एक गुडविल जेस्चर की तरह देखा जाता है, कोई लिखित नियम नहीं।”
“अगर रूल बुक में इसकी बाध्यता नहीं है, तो भारतीय टीम पर विरोधी टीम से हाथ मिलाने का कोई दबाव नहीं हो सकता – ख़ासकर उस टीम के साथ, जिसके साथ अतीत में संबंध अच्छे नहीं रहे।”
क्रिकेट में हैंडशेक की परंपरा
- टॉस के समय दोनों कप्तानों का हाथ मिलाना
- मैच के बाद सभी खिलाड़ियों का एक-दूसरे से हैंडशेक
यह क्रिकेट की पुरानी परंपरा रही है, जिसे कोरोना महामारी के दौरान अस्थायी रूप से रोका गया था। लेकिन उसके बाद इसे फिर से शुरू किया गया। अब सवाल यह है – क्या यह सिर्फ़ एक शिष्टाचार है, या फिर खेल भावना का हिस्सा?
ICC की भूमिका क्या होगी?
अब जब PCB ने औपचारिक शिकायत कर दी है, ICC पर दबाव है कि वह इस विवाद की जांच करे और स्थिति स्पष्ट करे। वहीं BCCI के रुख से साफ है कि भारतीय टीम ने कोई नियम नहीं तोड़ा।
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